कुछ पंक्तियाँ
जीवन की डगर पर चलते कुछ कदम
ये ऊंची-नीची, टेढ़ी-मेढ़ी सी कठिन डगर
हे पथिक - ये जाना तुमने ?
मार्ग मनःस्तिथि का जो आपस में मेल है
सत्य का चश्मा , धैर्य की छतरी
विश्वास के खड़ाऊ' तो मार्ग सहज है
कुछ पंक्तियाँ जीवन की डगर पर चलते कुछ कदम ये ऊंची-नीची, टेढ़ी-मेढ़ी सी कठिन डगर हे पथिक - ये जाना तुमने ? मार्ग मनःस्ति...