Sunday, July 15, 2012

haphazard worry vs deep thought



व्यर्थ की चिंता
या आवश्यक चिंतन
चिंता और चिंतन
इन दोनों के अंतर में ही छुपा है
व्यक्तिगत अभिव्यक्ति की अनुरूपता
चिंता तो चिता है
और चिंतन समाधान की तरफ पहला कदम

3 comments:

  1. अत्युत्तम!
    जो आप और अपनों के मोह में फंसे और करें वो है चिंता, और जो निस्वार्थ भाव से किसी ध्येय को पाने की दिशा में करें वो चिंतन!

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  2. actually Chinta or worry is linked to inaction
    while Chintan or logical rational thinking is oriented towards reaching a solution and taking action.

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