प्रभात प्रकाश प्रज्वलित प्राणंग
नीलिमा आवर्तित ये गगन आँगन
अलौकिक आकर्षक दमकते आभूषण
धरती का श्रृंगार रचाते सुदर्शन
ओस की दमकती मोतियों की लड़ी
सुनहरे जालों पर ये मढ़ चली
इस अलौकिक हार की छठा
सूर्य का मांग टीका बादलों की घटा
गुलाब बेला का इत्र फैलाती ये हवा
रंगीन फूलों की ओढनी ले चली उड़ा
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