शब्दों का कोई मोल नहीं है
लफ्जों का कोई तोल नहीं है
उन सबसे जिनसे हमने पढ़ना सीखा
जीना सीखा हँसना सीखा
धीरज से या क्रोध सहित
प्यार भरे अनुशाशन मिश्रित
सबको राह दिखलाते जो
जीवन के पहलू समझाते जो
कुछ ऐसे विरले गुरु मिले
जो बिना बोले ही सिखला गए
हाथ पकड़ के न सिखलाया
खुद के उदहारण से समझा गए
वो सदियों से ज्ञान बाटने वाले
उन सभी को शत नमन है

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